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आलीराजपुर जिला पंचायत ग्राम पंचायत पर दबाव डाल प्रस्ताव ठहराव क्यों मांग रहे हैं

दीपक शर्मा की रिपोर्ट

बड़ी जुवारी के 264 हेक्टेयर ग्रेफाइट-वैनेडियम ब्लॉक को लेकर मामला गरमाया

तीन ग्राम पंचायतों से मांगे गए ग्राम सभा प्रस्ताव; जिला पंचायत के माध्यम से फोन किए जाने का दावा, महेश पटेल बोले—“बार-बार पत्र और फोन क्यों? दबाव बनाया तो ग्रामीणों के साथ होगा कलेक्टर कार्यालय का घेराव”

आलीराजपुर :- जिले के आदिवासी बहुल क्षेत्र में प्रस्तावित “बड़ी जुवारी ग्रेफाइट-वैनेडियम ब्लॉक” को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है। सरकारी दस्तावेजों के अनुसार प्रस्तावित ब्लॉक का क्षेत्रफल 264 हेक्टेयर है तथा इसमें ग्रेफाइट एवं वैनेडियम खनिज दर्ज हैं। इस मामले में बड़ी जुवारी, सेमलिया और मोटा उमर ग्राम पंचायतों से ग्राम सभा प्रस्ताव एवं न्यायालयीन वाद से संबंधित जानकारी मांगे जाने के बाद अब पंचायतों को जिला पंचायत के माध्यम से फोन किए जाने का दावा सामने आया है।

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तीन पंचायतों से मांगे गए ग्राम सभा प्रस्ताव

जिला कलेक्टर कार्यालय की खनिज शाखा द्वारा जारी पत्र में बड़ी जुवारी, सेमलिया एवं मोटा उमर ग्राम पंचायतों, तहसील जोबट के सरपंच/सचिवों से संबंधित ग्राम सभा प्रस्ताव तथा न्यायालयीन वाद, यदि कोई हो, की जानकारी उपलब्ध कराने को कहा गया है।

वहीं भू-विज्ञान एवं खनिकर्म संचालनालय, मध्यप्रदेश, भोपाल द्वारा 27 मई 2025 को जारी पत्र में भारत सरकार के खान मंत्रालय द्वारा “Badi Juwari Graphite Vanadium Block” को नीलामी के लिए प्रस्तावित किए जाने का उल्लेख है। दस्तावेज में ब्लॉक का क्षेत्रफल 264 हेक्टेयर तथा खनिज के रूप में ग्रेफाइट एवं वैनेडियम दर्ज है।

अब जिला पंचायत के माध्यम से फोन किए जाने का दावा

आदिवासी विकास परिषद के प्रदेश उपाध्यक्ष महेश पटेल ने आरोप लगाया कि मामला केवल पत्र जारी करने तक सीमित नहीं है। उनके अनुसार अब जिला पंचायत के माध्यम से संबंधित ग्राम पंचायतों को फोन कर ग्राम सभा प्रस्ताव एवं सहमति मांगे जाने की बात सामने आ रही है।

महेश पटेल ने सवाल उठाते हुए कहा कि यदि ग्रामीण पहले ही अपनी असहमति जता चुके हैं, तो बार-बार पंचायतों से प्रस्ताव और सहमति क्यों मांगी जा रही है? प्रशासन को स्पष्ट करना चाहिए कि पंचायतों से किस प्रकार का प्रस्ताव मांगा जा रहा है और उसका उद्देश्य क्या है।

उन्होंने कहा, “पहले पत्र जारी किए जा रहे हैं और अब जिला पंचायत के माध्यम से पंचायतों को फोन किए जा रहे हैं। यदि आदिवासियों की जमीन नहीं छीनी जाएगी और जबरन उत्खनन नहीं होगा, तो फिर ग्राम पंचायतों से बार-बार प्रस्ताव और सहमति क्यों मांगी जा रही है? सरकार और प्रशासन को स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।”

विधानसभा में भी उठ चुका है मुद्दा

महेश पटेल ने कहा कि जोबट विधायक सेना महेश पटेल द्वारा विधानसभा में आलीराजपुर जिले के खनिज ब्लॉकों और आदिवासी जमीन से जुड़े मुद्दे को उठाया जा चुका है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा आदिवासी जमीन की सुरक्षा को लेकर आश्वासन दिए जाने के बावजूद यदि खनिज ब्लॉक से संबंधित प्रक्रिया आगे बढ़ रही है, तो इसकी पूरी जानकारी सार्वजनिक की जानी चाहिए।

“सरपंचों पर दबाव बनाकर प्रस्ताव नहीं लिया जाए”

महेश पटेल ने जिला प्रशासन से मांग की कि बड़ी जुवारी, सेमलिया और मोटा उमर सहित किसी भी ग्राम पंचायत के सरपंच अथवा सचिव पर किसी प्रकार का दबाव बनाकर ग्राम सभा प्रस्ताव या सहमति लेने का प्रयास नहीं किया जाए।

उन्होंने सरपंचों से भी अपील की कि वे किसी भी दबाव में आकर प्रस्ताव तैयार न करें तथा ग्राम सभा के समक्ष पूरी जानकारी रखकर ग्रामीणों की स्वतंत्र राय दर्ज कराई जाए।

“जल, जंगल और जमीन पर समझौता नहीं”

महेश पटेल ने कहा कि आदिवासी समाज के लिए जल, जंगल और जमीन केवल संपत्ति नहीं, बल्कि जीवन, संस्कृति और पहचान का आधार हैं। किसी भी खनिज परियोजना के नाम पर ग्रामीणों के अधिकारों की अनदेखी स्वीकार नहीं की जाएगी।

उन्होंने कहा, “हम किसी भी आदिवासी की जमीन नहीं छीनने देंगे। ग्राम सभा की आवाज को दबाने की कोशिश हुई तो आदिवासी विकास परिषद उसका पुरजोर विरोध करेगी।”

ग्रामीणों के साथ कलेक्टर कार्यालय के घेराव की चेतावनी

महेश पटेल ने बड़ी जुवारी, सेमलिया, मोटा उमर सहित आसपास के ग्रामीणों से अपनी जमीन और अधिकारों की रक्षा के लिए एकजुट होने का आह्वान किया।उन्होंने कहा, “यह किसी एक गांव या व्यक्ति की लड़ाई नहीं है। यह आदिवासी समाज के जल, जंगल और जमीन के अधिकारों की लड़ाई है। यदि पंचायतों पर दबाव बनाने या ग्राम सभा की सहमति लेने की प्रक्रिया जारी रही, तो ग्रामीणों के साथ मिलकर कलेक्टर कार्यालय का घेराव किया जाएगा।”। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि पंचायतों को बार-बार फोन करने, दबाव बनाने अथवा ग्राम सभा की सहमति लेने की प्रक्रिया जारी रही तो आदिवासी विकास परिषद आंदोलन को और तेज करेगी।

सरकार से पूरी प्रक्रिया सार्वजनिक करने की मांग

आदिवासी विकास परिषद ने सरकार और जिला प्रशासन से मांग की है कि बड़ी जुवारी ग्रेफाइट एवं वैनेडियम ब्लॉक से जुड़ी पूरी प्रक्रिया सार्वजनिक की जाए, ग्राम सभा की भूमिका एवं अधिकार स्पष्ट किए जाएं तथा किसी भी ग्राम पंचायत या सरपंच पर दबाव बनाकर प्रस्ताव अथवा सहमति लेने की कार्रवाई नहीं की जाए।महेश पटेल ने कहा कि “सरकार और प्रशासन को यह स्पष्ट समझ लेना चाहिए कि आदिवासी समाज अपनी जमीन के मामले में चुप नहीं बैठेगा। किसी की जमीन नहीं छीनने देंगे और ग्रामीणों के अधिकारों की लड़ाई मजबूती से जारी रहेगी।”

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